first international trip of Singapore

2 जनवरी 2016 हमारी पहली इंटरनेशनल जर्नी दिल्ली से  मलेशिया और वहां से  सिंगापुर की थी।  हम बहुत ही खुश थे ।
पहली बार हम विदेश घूमने जा रहे थे । सब कुछ अच्छा लग रहा था और बहुत ही मजा आ रहा था क्योंकि हम  होटल की बुकिंग पहले ही करा चुके थे, बस अब क्या था, अब हमें एयरपोर्ट जाना था ,और वहां से हमें प्लेन पकड़ना था बस। दिल्ली का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बहुत ही बड़ा है और बहुत ही सुंदर है ।काफी सारी शॉप है वहां , जैसे कि मॉल्स में होता है । अब हमें ब्रेकफास्ट करना था, तो हमने ब्रेकफास्ट किया और वेटिंग कक्ष में चले गए।
सात समंदर पार जाना था हमें, बहुत ही क्रेज़ी हो रहे थे, मजा आ रहा था, यह सोच कर कि ,वह कैसी दुनिया होगी ?कैसे लोग होंगे ?क्या होगा वहां पर? अनाउंसमेंट हो चुकी थी।
प्लेन टेकऑफ के लिए रेड्डी था! हम प्लेन मैं बेठे।

ऐसे तो हम प्लेन में बहुत पर बैठे हैं ,लेकिन विदेश घूमने हम फर्स्ट टाइम जा रहे थे। हमारा प्लेन एयर एशिया का था।
प्लैन की विंडो से बाहर देखने में बहुत अच्छा लग रहा था चारों तरफ बादल ,कभी पहाड़ ,कभी जंगल ,कभी धूप और कभी छांव सब नजर आ रहा था।
शाम के 4:00 बज गए थे ,और हमें प्लेन में स्नेक सर्वे किया गया जिसमें की ब्रेड रोल्स , जूस, चाय और कॉफी खाने पीने को मिला।
करीब 7:00 बजे के आसपास हम कॉल आलमपुर एयरपोर्ट पहुंचे , और वहां से अपना सामान पिक किया और सीधा चले गए अपने होटल । हमारा होटल  मेन सिटी में था ।करीब एयरपोर्ट से हमें एक डेढ़ घंटा लगा। होटल रूम में पहुंचकर हमने देखा, कि हमारे रूम की विंडो से केएल टावर दिखाई दे रहा था,जो कि बहुत सुंदर लग रहा था उसके चारों तरफ लाइट लगी हुई थी। यहां पर काफी सारे स्पोर्ट्स एडवेंचर एक्टिविटीज ऑर्गेनाइज की जाती हैं।

अगले दिन हम घूमने निकले,हमें देखना था कि मलेशिया कैसा है ?हमने देखा कि, वहां काफी सारे साउथ इंडियन , चाइनीस, मालय और यूरोपियन कल्चर है।
मलेशिया साउथ ईस्ट एशियन कंट्री है! इसकी खूबसूरती इसका इंफ्रास्ट्रक्चर है ,जहां पर स्काईस्क्रैपर buildings ,rainforest, beaches aur yahan ka Buddhist कल्चर इसकी सुंदरता को निखार देते है।

मलेशिया की करेंसी ringgit  है । 1 मलेशियन रिंगित ₹17 .82 पैसे के बराबर होती है  इंडियन रुपीस में।

मलेशिया में कोई कोई एरिया  ,ऐसा लगा जैसे ,इंडिया का ही एक पार्ट हो बस फर्क इतना था कि ,यहां साफ-सफाई बहुत ज्यादा थी ।
काफी सारे साउथ इंडियन लोग  पर दिखाई दे रहे थे। इंडियन फूड  भी सभी जगह  अवेलबल
 था। वहां ऐसा लग रहा था जैसे कि लिटिल इंडिया हो।

मलेशिया में हमने एक चीज और देखी ,वह यह थी कि वहां हर उम्र के लोग काम करते  नजर आए।  हर एज ग्रुप के लोग  अपने मन से ,अपनी खुशी से सब तरह के काम करते हैं और  मेहनती होते हैं।

हमने वहां की लोकल बस ली जो कि बहुत ही कंफर्टेबल थी, डबल डेकर  बस थी । यहां की बसों में खड़े रहना अलाउड नहीं होता है ,जितनी सीट होती है उतने ही पैसेंजर बैठते हैं। हम पेट्रोनस ट्विन टावर, देखने के लिए गए,जो कि बहुत ही फेमस टावर है ।इसे देखने के लिए लोग बहुत दूर-दूर से आते हैं।  इस टावर के अंदर बहुत सारे ऑफिस, मल्टीनेशनल ब्रांड्स, एमएनसी कंपनीज़ ओर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है।
 हमने  यहां कुछ फोटोज खींची। वहां हमने लंच किया ओर घूमे ,फिरअपने होटल वापस आ गए क्योंकि हम बहुत थक गए थे।हमें शाम मै सिंगापुर के लिए निकलना था ।हमने प्लेन का टिकट  नहीं लिया हुआ था,तो हमने सोचा कि हम बस से ही चले जाएं  सिंगापुर। Bus मैं बैठकर हमने देखा की रोड के दोनों ओर  खजूर के  खेत नज़र आए।सूरज भी अस्त हो गया था तो  जायदा कुछ देख न सके।। बस का रूट बहुत ही हेक्टिक हो गया था ।हम लोग बहुत थक गए थे ।रास्ते में कुछ खाने को भी नहीं मिला ,ना पानी मिला, बस किसी तरह पहुंच गए सिंगापुर।।

 करीब 7 घंटे लगे हमें सिंगापुर पहुंचने में ।लेकिन मैं आपसे कहूंगी कि आपके पास अगर टाइम है तभी यह जर्नी करें बस से, नहीं तो आप सीधा प्लेन पकड़िए और 1 घंटे में पहुंच जाइए चांगी एयरपोर्ट सिंगापुर। 
  करीब 7 घंटे बाद, मतलब की रात के 10:00 बजे इंडियन टाइम के अनुसार ,सिंगापुर बस टर्मिनल पहुंचे, वहाउस समय रात के 1:00 बज रहे थे। टर्मिनल से बाहर निकलते हि हमने देखा हमारे रिलेटिव वेट कर रहे थे ।

 उनके साथ हम  घर चले गए और वहां जाकर हमने डिनर किया है और सो गए।

हमें  जेट leg जैसा ,कुछ लग तो नहीं रहा था क्योंकि टाइम 3 घंटे आगे hota hai Singapore mein ।

अगले दिन कि सुबह हमारी सिंगापुर मै थी।
सिंगापुर , बहुत सुंदर जगह है यहां बड़ी बड़ी स्काईस्क्रैपर बिल्डिंग है।
सिंगापुर का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत ही शानदार है।

जहां हमारा घर था उस जगह का नाम था कैपल बे। कैपल बे बहुत सुंदर जगह थी। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर, चोड़ी चौड़ी सड़कें, कम आबादी वाला क्षेत्र, अपने आप में एक मिसाल थी।

    सेंटोसा आईलैंड घर के पास मै ही था, तो हम वॉक करके जा सकते थे। सिंगापुर मैं मेट्रो की सुविधा भी है।
सभी जगह मेट्रो से ही आना जाना चाहिए,क्योंकि समय की बचत हो जाती है।
सिंगापुर मैं टैक्सी बहुत महंगी होती है। यहां कार से आना जाना लोग पसंद नही करते क्योंकि यहां पेट्रोल मंहगा होता हैं। हम भी मेट्रो से ही सभी जगह आना जाना किए।

 सेंटोसा आईलैंड ,यहां देश-विदेश से लोग घूमने आते हैं अब बहुत ही प्यारी जगह है ,एडवेंचर स्पोर्ट्स है, म्यूजियम्स है ,पार्क है,  बीच है ओर बच्चों के लिए बहुत सारे गेम्स है। और यहां आकर बड़े लोग भी खूब मस्ती करते हैं ।काफी सारे झूले हैं, पैराग्लाइडिंग होती है और पैरासेलिंग भी होती है। यह बहुत ही सुंदर जगह है। यहां के लिए पूरा 2 दिन भी लगा दे तो कम है। यहां काफी सारी शॉप्स है, जो बच्चों को बहुत पसंद आती हैं क्योंकि यहां पर डिज्नीलैंड जैसा बनाया है हमने भी यहां से काफी सारी चीजें खरीदी ,और बहुत सारे टॉयज भी खरीदे। बहुत मजा आया बहुत अच्छा लग रहा था एक अलग ही दुनिया थी ऐसा लग रहा था, मानो जैसे हम हवा में उड़ रहे हो बहुत खुश थे । हमने बहुत इंजॉय किया ।इतनी सारी चीजें हैं ,कि आप सोचोगे कि क्या करें क्या ना करें ।एक बार में आप जायदा एक्टिविटीज नहीं सकते  क्योंकि वहां पर आपको टिकट लेना पड़ता है जिसमें कि कुछ ही एडवेंचर स्पोर्ट्स ही मिलते हैं। जो कि बहुत महंगा होता है ।मुझे ठीक से याद नहीं है ,लेकिन आप यह समझ लीजिए इंडियन रुपीस में 1 दिन का कोस्ट लगता है₹30000/35000 .  कुछ वाटर स्पोर्ट्स के एक्टिविटीज रह गई थी तो हमने बाद में भी नहीं की।
सिंगापुर में हम दूसरी जगह जो घूमने गए वह थी मरीना बे  सेंड यह भी बहुत फेमस जगह है! यहां काफी सारे होटल्स है ओर रेस्टोरेंट्स भी। वैसे जो भी टूरिस्ट आते है वो सब यही सटे करते है।  यह  बिल्डिंग  50 फ्लोर की  है । बिल्डिंग की रूफ पर बहुत बड़ा स्विमिंग पूल है और साथ में रेस्टो बार भी है। इसमें वूमंस के लिए वेनसडे ओपन रहता है उसमे वूमेंस को फ्री में बीयर ओर वाइन आदि पीने के लिए दिया जाता है। इस दिन जेंट्स अलाउड नहीं होते हैं। उस दिन सारी लेडीस लोग बहुत फन करती है। यह सिंगापुर गवर्नमेंट की तरफ से लेडीज के लिए ,वीक में 1 दिन  रखा जाता है।
बाकी दिन कपल्स की एंट्री होती है । यहां कैसीनो भी है, इस जगह पर बच्चे अलाउड नहीं होते हैं । इस बिल्डिंग के 50 से फ्लोर से हमे सारा सिंगापोर नजर आ रहा था। रात के समय बहुत ही सुंदर लग रहा था, क्योंकि  पूरा सिंगापुर लाइट से चमक रहा था । हम पीते तो नहीं हैं, लेकिन स्टाइल मारने के लिए थोड़ा सा ले लिया था। 

यहां हम अपने  रिलेटिव्स के साथ में गए  थे, सो हमने बहुत मज़ा
 किया।
सिंगापुर में लॉ यन ऑर्डर बहुत ही स्ट्रिक्ट है ,यहां पर कोई भी गंदगी नहीं फैला सकता।  पब्लिक प्लेस मैं स्मोक नही कर सकते। पैट्स को पू ओर पी आउटसाइड एरिया मैं नही करा सकते।रोड क्रॉस करते समय आपको रोड़ के किनारे पर सिगल
 बटन होते है उसे प्रेस करना होता है।
सिंगापुर मै मिक्स कल्चर है। यहां पर साऊथ इंडियन, यूरोपियन, ऑस्ट्रेलियन ओर इंडियंस भी हैं।

सिंगापुर मै बहुत सारे मंदिर है।यहां गणेश जी को माना जाता हैं और बौद्ध धर्म को भी।

यहां पर एक मुस्तफा करके एक सुपरमार्केट  है ,जहां पर सारा इंडियन सामान मिलता है ।यह एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है। यही पर मुर्गन नाम की शॉप है, जहा आपको सिंगापुर की बेस्ट idli dosa khane ko मिलता है ।जो भी ट्यूरिएस्ट घूमने आते है वे यहाँ  जरूर आते है।

सिंगापुर में एक  ओर जगह है, जिसका नाम है, लिटिल इंडिया। यहां आपको बिल्कुल इंडिया जैसा ही लगेगा। वैसे ही शॉप्स हैं ,वैसा ही मार्केट।  यहां पर काफी सारे इंडियन  दिखाई देते हैं। इस जगह के आसपास काफी  सोसाइटीज है ,जिसमें इंडियंस लोग बहुत है। यहा इंडियन मंदिर भी काफी सारे है। सिंगापुर मै बहुत सारे गार्डेन्स भी है,  जिसमें से एक है बोटेनिकल गार्डन ओर जियोलॉजिकल गार्डन। यहां पर  कई मूवीज की शूटिंग होती ही रहती है खासकर बॉलीवुड मूवीज की । इन गार्डेन्स मैं म्यूजिकल फाउंटेन है । यह जंगल थीम के  ऊपर डिजाइन किया गया है। सिंगापुर जू, जो कि बहुत ही बड़ा और सुंदर है।  आप देखते-देखते थक जाएंगे ।
 यहां नाइट सफारी भी होती  है । हमने भी नाइट सफारी के लिए टिकट ली ,और फिर टॉय ट्रेन मैं बैठ कर घूमे।
यहां हमने देखा  की ,यहां पर किसी भी जानवर को पिंजरे में नहीं रखा जाता सब ओपन में रखते हैं। यहां जितने भी एनिमल देखें बहुत ही हेल्दी थे। सिंगापुर जू मैं बच्चों को बहुत अच्छा लगता है और हम बड़ों को भी ।  यहां कैसे टाइम कट जाता है पता ही नहीं चलता।

सिंगापुर अपने आप में एक बहुत ही रमणीक  और बहुत ही खूबसूरत जगह भी। सिंगापुर एक विकसित देश है। और बहुत मॉडर्न सिटी है। इस जगह के अपने बहुत सारे रूल्स रेगुलेशंस है और बहुत ही स्ट्रिक्ट है । इसलिए यहां  क्राइम बिल्कुल नहीं होता है ।यहां वुमंस  सेफ है। यहां के लोग हेल्पफुल होते हैं।

हमें तो सिंगापुर से आने का बिल्कुल ही मन नहीं था लेकिन क्या करें ,आना तो था ही , इंडिया तो हमारी दिल की धड़कन है।

मैं आशा करती हूं की आप भी सिंगापुर आएंगे तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। और बहुत ही मजा करेंगे। सिंगापुर बहुत सुंदर कंट्री है जिसे आप कभी ना भुला पाएंगे।
मेरा आपसे निवेदन है कि मेरे इस ब्लॉक को पढ़िए और मुझे अपने सुझाव दीजिए ताकि मैं इसे ओर जायदा इनफॉर्मेटिक बना  सकूं ।
धन्यवाद
चंचल गौड़।

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